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दिशा शुल चक्र | Nitish pandey Bihar wale

शुभ दिशाएँ (सामान्यतः):
 * सोमवार: दक्षिण
 * मंगलवार: पूर्व, दक्षिण
 * बुधवार: पूर्व, पश्चिम
 * गुरुवार: उत्तर, पूर्व, पश्चिम (दक्षिण छोड़कर)
 * शुक्रवार: सभी दिशाएँ (शाम के समय पश्चिम शुभ)
 * शनिवार: पश्चिम
 * रविवार: उत्तर



दिशा शूल चक्र: कब, कहाँ और क्यों नहीं करनी चाहिए यात्रा - Nitish pandey Bihar wale
Nitish pandey Bihar wale के इस विशेष लेख में आपका स्वागत है। आज हम एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय अवधारणा पर बात करेंगे जो सदियों से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रही है - दिशा शूल चक्र। यात्रा करते समय सही दिशा का चुनाव करना हमेशा से ही महत्वपूर्ण माना जाता रहा है, और दिशा शूल चक्र इसी ज्ञान का भंडार है। Nitish pandey Bihar wale आपको इस प्राचीन ज्ञान से परिचित कराएगा और बताएगा कि किस दिन किस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए और क्यों।
दिशा शूल क्या है?
सरल शब्दों में, दिशा शूल का अर्थ है किसी विशेष दिन किसी विशेष दिशा में यात्रा करने के लिए अशुभ समय। ज्योतिष शास्त्र मानता है कि प्रत्येक दिन एक निश्चित दिशा नकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित होती है, जिससे उस दिशा में यात्रा करने पर बाधाएं, परेशानियां या असफलताएं आ सकती हैं। Nitish pandey Bihar wale का मानना है कि इस ज्ञान को समझकर आप अपनी यात्राओं को अधिक सुरक्षित और सफल बना सकते हैं।
दिशा शूल चक्र: दिन और वर्जित दिशाएं
यहां Nitish pandey Bihar wale द्वारा प्रस्तुत दिशा शूल चक्र दिया गया है, जो आपको बताएगा कि सप्ताह के किस दिन किस दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए:
 * सोमवार: पूर्व दिशा (Purav disha)
 * मंगलवार: उत्तर दिशा (Uttar disha)
 * बुधवार: उत्तर दिशा (Uttar disha)
 * गुरुवार: दक्षिण दिशा (Dakshin disha)
 * शुक्रवार: पश्चिम दिशा (Paschim disha)
 * शनिवार: पूर्व दिशा (Purav disha)
 * रविवार: पश्चिम दिशा (Paschim disha)
Nitish pandey Bihar wale आपको सलाह देता है कि यदि संभव हो तो इन दिनों में इन वर्जित दिशाओं में यात्रा करने से बचें।
दिशा शूल क्यों लगता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रत्येक दिन का अपना स्वामी ग्रह होता है और प्रत्येक दिशा पर भी किसी न किसी ग्रह का आधिपत्य होता है। जब किसी दिन का स्वामी ग्रह उस दिशा के स्वामी ग्रह के साथ शत्रुतापूर्ण संबंध रखता है, तो उस दिशा में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है। यही कारण है कि उस विशेष दिन उस दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है। Nitish pandey Bihar wale इस जटिल खगोलीय गणना को सरल भाषा में आप तक पहुंचा रहा है।
यदि वर्जित दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो तो क्या करें?
कई बार ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं जब हमें वर्जित दिशा में भी यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र कुछ सरल उपाय बताता है जिनसे दिशा शूल के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है। Nitish pandey Bihar wale आपके लिए ये उपाय लेकर आया है:
 * सोमवार: घर से निकलने से पहले दर्पण में अपना चेहरा देखें या कोई फूल खाकर निकलें।
 * मंगलवार: गुड़ खाकर और पानी पीकर यात्रा शुरू करें। हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
 * बुधवार: धनिया या तिल खाकर निकलें।
 * गुरुवार: दही या जीरा खाकर निकलें।
 * शुक्रवार: जौ (Barley) खाकर निकलें।
 * शनिवार: अदरक खाकर या उड़द की दाल खाकर निकलें।
 * रविवार: दलिया या घी खाकर निकलें।
Nitish pandey Bihar wale का सुझाव है कि इन उपायों को अपनाने से यात्रा में आने वाली बाधाओं को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
दिशा शूल और आधुनिक यात्रा
आज के आधुनिक युग में, जब यात्रा इतनी सुलभ और आवश्यक हो गई है, क्या दिशा शूल का महत्व अभी भी है? Nitish pandey Bihar wale मानता है कि जड़ों से जुड़े रहना हमेशा महत्वपूर्ण होता है। यदि आप ज्योतिष में विश्वास रखते हैं, तो दिशा शूल के नियमों का पालन करके आप मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ यात्रा कर सकते हैं।
Nitish pandey Bihar wale: आपकी यात्राओं का साथी
Nitish pandey Bihar wale हमेशा आपके लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक जानकारी लेकर आता है। दिशा शूल चक्र को समझकर आप अपनी यात्राओं की योजना बेहतर तरीके से बना सकते हैं। यह न केवल आपको संभावित परेशानियों से बचा सकता है बल्कि आपकी यात्रा को अधिक शुभ और सफल भी बना सकता है।
निष्कर्ष
दिशा शूल चक्र भारतीय ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण पहलू है जो यात्रा की दिशा और समय के महत्व को दर्शाता है। Nitish pandey Bihar wale उम्मीद करता है कि इस लेख के माध्यम से आपको दिशा शूल के बारे में विस्तृत जानकारी मिली होगी। अपने जीवन में इस प्राचीन ज्ञान को अपनाकर आप निश्चित रूप से लाभान्वित हो सकते हैं। Nitish pandey Bihar wale आपके सुरक्षित और सफल यात्राओं की कामना करता है। ज्योतिष और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अधिक जानकारी के लिए Nitish pandey Bihar wale के साथ जुड़े रहें।