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हनुमान चालीसा हिंदी व्याख्या सहित | Hanuman chalisa Hindi sahit

श्री हनुमान चालीसा: अर्थ, महत्व और लाभ - Nitish Pandey Bihar wale

श्री हनुमान चालीसा: अर्थ, महत्व और लाभ - Nitish Pandey Bihar wale

श्री हनुमान चालीसा भगवान हनुमान को समर्पित एक अत्यंत ही लोकप्रिय भक्ति स्तोत्र है। इसमें चालीस चौपाइयाँ हैं, इसीलिए इसे चालीसा कहा जाता है। **Nitish Pandey Bihar wale** आपके लिए श्री हनुमान चालीसा के पाठ, इसके अर्थ और इसके अद्भुत लाभों की विस्तृत जानकारी लेकर आए हैं। हर दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से हनुमानजी की असीम कृपा बनी रहती है और सभी प्रकार के ग्रह दोषों का प्रभाव भी समाप्त होता है। साथ ही, हनुमानजी की कृपा से हर कार्य सिद्ध होने लगता है और सभी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। **Nitish Pandey Bihar wale** आपको इस शक्तिशाली स्तोत्र के महत्व को समझने में मदद करेंगे। **Nitish Pandey Bihar wale** का मानना है कि भक्ति में शक्ति होती है।

श्री हनुमान चालीसा - Nitish Pandey Bihar wale

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।।

अर्थ: श्री गुरु के कमल रूपी चरणों की धूल से अपने मन रूपी दर्पण को स्वच्छ करके, मैं श्री राम के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष रूपी चार फल देने वाला है। **Nitish Pandey Bihar wale** इस दोहे के गहरे अर्थ को समझते हैं।

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

अर्थ: अपने शरीर को बुद्धिहीन जानकर, मैं पवनपुत्र हनुमान का स्मरण करता हूँ। हे प्रभु! मुझे बल, बुद्धि और विद्या प्रदान करें और मेरे दुःखों तथा विकारों को हर लें। **Nitish Pandey Bihar wale** इस प्रार्थना के महत्व को बताते हैं।

चौपाई - Nitish Pandey Bihar wale

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

अर्थ: हे हनुमान! आपकी जय हो, आप ज्ञान और गुणों के सागर हैं। हे वानरराज! आपकी जय हो, आप तीनों लोकों में प्रकाश फैलाने वाले हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की महिमा का वर्णन करते हैं।

राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

अर्थ: आप श्री राम के अद्वितीय बलशाली दूत हैं। आप माता अंजनी के पुत्र और पवनदेव के पुत्र के नाम से जाने जाते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के नामों का महत्व बताते हैं।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।

अर्थ: हे महावीर! हे पराक्रमी! हे वज्र के समान शरीर वाले! आप बुरी बुद्धि को दूर करने वाले और अच्छी बुद्धि वालों के साथी हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी को शक्ति और बुद्धि का प्रतीक मानते हैं।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुण्डल कुँचित केसा।।

अर्थ: आपका रंग स्वर्ण के समान है और आप सुंदर वस्त्रों से सुशोभित हैं। आपके कानों में कुण्डल और घुंघराले बाल हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के रूप का वर्णन करते हैं।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे।
कांधे मूंज जनेउ साजे।।

अर्थ: आपके हाथों में वज्र और ध्वजा विराजमान हैं और आपके कंधे पर मूंज का जनेऊ शोभायमान है। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के आयुधों और वेशभूषा का वर्णन करते हैं।

शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जग वंदन।।

अर्थ: आप शंकर के अवतार और केसरी के पुत्र हैं। आपका तेज और प्रताप महान है और सारा संसार आपकी वंदना करता है। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी को भगवान शिव का रूप मानते हैं।

बिद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।

अर्थ: आप विद्यावान, गुणी और अत्यंत चतुर हैं। आप हमेशा श्री राम के कार्य करने के लिए तत्पर रहते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की कुशलता और समर्पण का वर्णन करते हैं।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

अर्थ: आपको प्रभु श्री राम के चरित्र सुनने में आनंद आता है और श्री राम, लक्ष्मण और सीता आपके हृदय में निवास करते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की भक्ति का वर्णन करते हैं।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

अर्थ: आपने छोटा रूप धारण करके सीता माता को दर्शन दिया और भयंकर रूप धारण करके लंका को जला दिया। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के रूपों का वर्णन करते हैं।

भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचन्द्र के काज संवारे।।

अर्थ: आपने विशाल रूप धारण करके राक्षसों का संहार किया और श्री राम के कार्यों को सिद्ध किया। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की शक्ति और पराक्रम का वर्णन करते हैं।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्री रघुबीर हरषि उर लाये।।

अर्थ: आप संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाए, जिससे श्री राम ने प्रसन्न होकर आपको हृदय से लगा लिया। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की भक्ति और सेवा का वर्णन करते हैं।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

अर्थ: श्री राम ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा कि तुम मेरे प्रिय भाई भरत के समान हो। **Nitish Pandey Bihar wale** राम और हनुमान के प्रेम का वर्णन करते हैं।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं।।

अर्थ: हजार मुख वाले शेषनाग भी आपके यश का गान करते हैं, ऐसा कहकर श्री राम ने आपको कंठ से लगाया। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की महानता का वर्णन करते हैं।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

अर्थ: सनक, ब्रह्मा और अन्य ऋषि-मुनि, नारद, सरस्वती और शेषनाग भी आपके गुणों का बखान करते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** सभी देवताओं द्वारा हनुमानजी की स्तुति का वर्णन करते हैं।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

अर्थ: यम, कुबेर और सभी दिशाओं के रक्षक भी आपके यश का पूर्ण वर्णन नहीं कर सकते, तो कवि और विद्वान कैसे कर सकते हैं? **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की असीम महिमा का वर्णन करते हैं।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

अर्थ: आपने सुग्रीव पर उपकार किया, उसे श्री राम से मिलाकर राज्य पद दिलाया। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की सहायता का वर्णन करते हैं।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेश्वर भए सब जग जाना।।

अर्थ: विभीषण ने आपके मंत्र को माना, जिससे वे लंका के राजा बने, यह सारा संसार जानता है। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के प्रभाव का वर्णन करते हैं।

जुग सहस्र जोजन पर भानु।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

अर्थ: आपने युगों और हजारों योजन दूर स्थित सूर्य को मीठा फल जानकर निगल लिया था। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के बाल्यकाल के पराक्रम का वर्णन करते हैं।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

अर्थ: आपने प्रभु श्री राम की अंगूठी मुख में रखकर समुद्र को लांघ लिया, इसमें कोई आश्चर्य नहीं है। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की अद्भुत शक्ति का वर्णन करते हैं।

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

अर्थ: संसार के जितने भी कठिन कार्य हैं, वे आपकी कृपा से उतने ही सरल हो जाते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की कृपा की महत्ता बताते हैं।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

अर्थ: आप श्री राम के द्वार के रक्षक हैं, आपकी आज्ञा के बिना कोई भी अंदर प्रवेश नहीं कर सकता। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की निष्ठा और प्रभु भक्ति का वर्णन करते हैं।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रच्छक काहू को डर ना।।

अर्थ: जो आपकी शरण में आता है, वह सभी सुखों को प्राप्त करता है। हे रक्षक! फिर किसी को कोई डर नहीं रहता। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की शरण में आने के लाभ बताते हैं।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।

अर्थ: आप अपने तेज को स्वयं ही संभाल सकते हैं, आपकी गर्जना से तीनों लोक कांप उठते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के तेज और प्रभाव का वर्णन करते हैं।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

अर्थ: जब महावीर हनुमान का नाम सुनाया जाता है, तो भूत-पिशाच भी पास नहीं आते। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के नाम की शक्ति बताते हैं।

नासै रोग हरे सब पीरा।
जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।

अर्थ: जो वीर हनुमान का निरंतर जाप करता है, उसके सभी रोग और पीड़ाएं नष्ट हो जाती हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के जाप के लाभ बताते हैं।

संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

अर्थ: जो मन, कर्म और वचन से हनुमान का ध्यान करता है, उसे हनुमान सभी संकटों से छुड़ाते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की शरणागति का महत्व बताते हैं।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।।

अर्थ: तपस्वी राजा श्री राम सबसे श्रेष्ठ हैं और उनके सभी कार्यों को आपने ही सिद्ध किया है। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के रामभक्ति और सेवा का वर्णन करते हैं।

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोई अमित जीवन फल पावै।।

अर्थ: जो कोई भी इच्छा लेकर आता है, वह असीम और जीवन के फल को प्राप्त करता है। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी से मांगी गई मनोकामनाओं की पूर्ति का वर्णन करते हैं।

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।

अर्थ: चारों युगों में आपका प्रताप फैला हुआ है, आपका यश संसार में प्रसिद्ध और प्रकाशमान है। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की सर्वव्यापक महिमा का वर्णन करते हैं।

साधु संत के तुम रखवारे।।
असुर निकन्दन राम दुलारे।।

अर्थ: आप साधु और संतों के रक्षक हैं, और राक्षसों का नाश करने वाले श्री राम के प्यारे हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी को सज्जनों का रक्षक बताते हैं।

अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।

अर्थ: माता जानकी ने आपको आठ सिद्धियों और नौ निधियों का दाता होने का वरदान दिया है। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी को सिद्धियों का दाता बताते हैं।

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

अर्थ: आपके पास राम नाम की औषधि है और आप सदा श्री राम के दास बने रहते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की राम भक्ति और सेवा भाव का वर्णन करते हैं।

तुह्मरे भजन राम को पावै।
जनम जनम के दुख बिसरावै।।

अर्थ: आपके भजन से श्री राम प्राप्त होते हैं और जन्म-जन्म के दुख दूर हो जाते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के भजन का महत्व बताते हैं।

अंत काल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरिभक्त कहाई।।

अर्थ: अंत समय में भक्त श्री राम के धाम जाता है, जहाँ जन्म लेने पर वह हरिभक्त कहलाता है। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की भक्ति के अंतिम फल का वर्णन करते हैं।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

अर्थ: और किसी देवता पर ध्यान न देकर, केवल हनुमान की सेवा करने से सभी सुख प्राप्त होते हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी की सेवा के महत्व को बताते हैं।

सङ्कट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

अर्थ: जो बलवान वीर हनुमान का स्मरण करता है, उसके सभी संकट कट जाते हैं और सभी पीड़ाएं मिट जाती हैं। **Nitish Pandey Bihar wale** हनुमानजी के स्मरण की शक्ति बताते हैं।

जय जय जय हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।