सर्वार्थ सिद्धि योग मई 2025: एक शुभ मुहूर्त - विस्तृत जानकारी
मई 2025 का महीना कई महत्वपूर्ण अवसरों से भरा हुआ था, और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, कुछ तिथियाँ विशेष रूप से शुभ मानी गईं। इनमें से एक महत्वपूर्ण योग था सर्वार्थ सिद्धि योग, जो किसी भी कार्य को सिद्ध करने और सफलता प्राप्त करने के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है। यह शुभ योग वार और नक्षत्र के विशेष संयोग से बनता है। मई 2025 में, कई ऐसी तिथियाँ थीं जब यह कल्याणकारी योग घटित हुआ। आइए, इस मुहूर्त के बारे में विस्तार से जानते हैं:
सर्वार्थ सिद्धि योग कब और कैसे बनता है?
सर्वार्थ सिद्धि योग एक अत्यंत ही शुभ योग है जो वार (दिन) और नक्षत्र (तारामंडल) के एक विशेष मिलन से बनता है। कुछ विशेष नक्षत्र जब कुछ निश्चित वारों के साथ पड़ते हैं, तो यह योग निर्मित होता है। ऐसा माना जाता है कि इस योग में किए गए सभी कार्य सफल होते हैं और शुभ फल प्रदान करते हैं।
मई 2025 में सर्वार्थ सिद्धि योग की तिथियाँ और नक्षत्र:
मई 2025 में निम्नलिखित तिथियों पर सर्वार्थ सिद्धि योग घटित हुआ:
| दिनांक | वार | नक्षत्र | योग प्रारम्भ समय | योग समाप्त समय |
|---|---|---|---|---|
| 2 मई 2025 | शुक्रवार | अश्विनी | सुबह 05:35 बजे | सुबह 05:30 बजे (अगले दिन) |
| 4 मई 2025 | रविवार | भरणी | सुबह 05:34 बजे | सुबह 07:53 बजे |
| 11 मई 2025 | रविवार | पुनर्वसु | सुबह 05:30 बजे | सुबह 03:04 बजे |
| 14 मई 2025 | बुधवार | पुष्य | सुबह 05:28 बजे | सुबह 07:25 बजे |
| 16 मई 2025 | शुक्रवार | मघा | सुबह 05:27 बजे | दोपहर 12:22 बजे |
| 23 मई 2025 | शुक्रवार | स्वाती | सुबह 05:23 बजे | दोपहर 12:11 बजे |
| 25 मई 2025 | रविवार | अनुराधा | सुबह 05:22 बजे | सुबह 09:01 बजे |
| 27 मई 2025 | मंगलवार | मूल | सुबह 05:21 बजे | सुबह 07:52 बजे |
| 28 मई 2025 | बुधवार | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 05:20 बजे | सुबह 06:17 बजे |
| 30 मई 2025 | शुक्रवार | उत्तराषाढ़ा | सुबह 05:19 बजे | सुबह 07:24 बजे |
विभिन्न वारों के साथ पड़ने वाले सर्वार्थ सिद्धि योग के नक्षत्र:
जैसा कि ऊपर तालिका में दर्शाया गया है, मई 2025 में विभिन्न वारों के साथ कुछ विशेष नक्षत्रों के पड़ने से सर्वार्थ सिद्धि योग बना। इसे और स्पष्ट रूप से समझने के लिए, विभिन्न वारों के साथ आने वाले सर्वार्थ सिद्धि योगकारी नक्षत्र इस प्रकार थे:
* सोमवार: हस्त, मूल, तीनों उत्तरा (उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), पुष्य, अश्विनी, अनुराधा।
* मंगलवार: अश्विनी, उत्तरा भाद्रपद, कृतिका, मृगशिरा, रेवती।
* बुधवार: रोहिणी, अनुराधा, हस्त, कृतिका, मृगशिरा, पुष्य।
* गुरुवार: रेवती, अनुराधा, अश्विनी, पुनर्वसु, पुष्य, श्रवण।
* शुक्रवार: रेवती, अनुराधा, अश्विनी, पुनर्वसु, श्रवण, रोहिणी, स्वाती।
* शनिवार: श्रवण, रोहिणी, स्वाती।
* रविवार: हस्त, मूल, तीनों उत्तरा (उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), पुष्य, अश्विनी नक्षत्र।
उदाहरण:
उदाहरण के लिए, 4 मई 2025 को रविवार था और नक्षत्र भरणी था। चूँकि रविवार के साथ अश्विनी, उत्तरा भाद्रपद आदि नक्षत्र पड़ने पर सर्वार्थ सिद्धि योग बनता है, इसलिए 4 मई को सुबह 05:34 बजे से सुबह 07:53 बजे तक यह शुभ योग विद्यमान था।
इसी प्रकार, अन्य तिथियों पर भी वार और नक्षत्र के विशिष्ट संयोग के कारण सर्वार्थ सिद्धि योग बना, जैसा कि तालिका में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है।
सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व:
सर्वार्थ सिद्धि योग को ज्योतिष में एक अत्यंत ही शक्तिशाली और सकारात्मक योग माना जाता है। इस योग में किए गए कार्य निर्विघ्न रूप से संपन्न होते हैं और उनमें सफलता की संभावना बढ़ जाती है। यह योग नए कार्यों की शुरुआत, महत्वपूर्ण निर्णय लेने, संपत्ति खरीदने या बेचने, यात्रा करने और किसी भी प्रकार के शुभ कार्य करने के लिए उत्तम माना जाता है।
मई 2025 में जिन लोगों ने इस शुभ मुहूर्त का लाभ उठाया, उन्हें अपने कार्यों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले होंगे। यह योग न केवल व्यक्तिगत कार्यों के लिए बल्कि व्यावसायिक और सामाजिक कार्यों के लिए भी फलदायी सिद्ध हुआ होगा।
निष्कर्ष:
मई 2025 में सर्वार्थ सिद्धि योग की उपस्थिति ने इस महीने को और भी अधिक महत्वपूर्ण बना दिया था। विभिन्न तिथियों पर इस शुभ योग का बनना लोगों के लिए अपने महत्वपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न करने का एक सुनहरा अवसर था। ज्योतिष में इस योग का विशेष महत्व है और माना जाता है कि इस दौरान किए गए कार्य निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम देते हैं। यह जानकारी उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो ज्योतिष और शुभ मुहूर्तों में विश्वास रखते हैं और अपने कार्यों को सही समय पर
करके सफलता प्राप्त करना चाहते हैं।
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